जिस माँ-बाप ने हमें बोलना सिखाया आज हम उसे ही चुप करा देते हैं। सबकुछ मिल जाता है दुनिया में मगर याद रखना की बस माँ-बाप नहीं मिलते, मुरझा के जो गिर जाये एक बार डाली से ये ऐसे फुल है जो फिर नहीं खिलते। दम तोड़ देती है माँ-बाप की ममता जब बच्चे कहते है की तुमने हमारे लिए किया ही क्या है। किसी भी मुश्किल का अब हल नहीं मिलता शायद अब घर से कोई माँ के पैर छुकर नहीं निकलता। माँ-बाप उम्र से नहीं फिकर से बूढ़े होते है। चाहे लाख करो तुम पूजा और तीर्थ कर हजार, मगर माँ-बाप को ठुकराया तो सबकुछ है बेकार। रिश्ते निभाकर ये जान लिया हमने माँ-बाप के सिवा कोई अपना नहीं होता। माँ-बाप हमें बचपन में शहजादों की तरह पालते है तो हमारा भी फर्ज बनता है की बुढ़ापे में हम उन्हें बादशाहों की तरह रखें। माँ-बाप की तकलीफों को कभी नजरअंदाज मत करना, जब ये बिछड़ जाते है तो रेशम के तकिये पर भी नींद नहीं आती। माँ की ममता और पिता की क्षमता का अंदाजा लगाना असंभव है। लोग माता-पिता की नसीहत तो भूल जाते है लेकिन वसीहत नहीं भूलते। शौक तो माँ-बाप के पैसों से पुरे होते है अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पूरी होती है। किस...
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